सच्चाई जांच: क्या धूम्रपान करने वालों को फेफड़ों के कैंसर से बचा सकते हैं गाजर और हरी पत्तेदार सब्जियां?

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एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि गाजर और हरी सब्जियां धूम्रपान करने वालों को फेफड़ों के कैंसर से बचा सकती हैं। हमने इस दावे की सच्चाई जांच की और इसे पूरी तरह से गलत पाया। यह सोचना कि सलाद की एक प्लेट सिगरेट के नुकसान की भरपाई कर सकती है, एक भ्रम से ज्यादा कुछ नहीं है।

क्या है दावा?
दावा किया जा रहा है कि गाजर और पत्तेदार सब्जियों में मौजूद बीटा-कैरोटीन नामक तत्व धूम्रपान करने वालों को फेफड़ों के कैंसर से सुरक्षा प्रदान कर सकता है।

क्या बीटा-कैरोटीन धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों के कैंसर को रोक सकता है?
जवाब स्पष्ट है: नहीं, बिल्कुल नहीं। असल में, हकीकत इसके उलट है। जहां बीटा-कैरोटीन एक एंटीऑक्सीडेंट है जो सामान्य परिस्थितियों में कोशिकाओं की क्षति से रक्षा करता है, वहीं धूम्रपान करने वालों के लिए इसकी उच्च खुराक वाली सप्लीमेंट टैबलेट खतरनाक साबित हो सकती हैं और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ा सकती हैं। प्राकृतिक रूप से गाजर, हरी सब्जियों और अन्य रंगीन सब्जियों में पाया जाने वाला बीटा-कैरोटीन सुरक्षित है, लेकिन वह धूम्रपान के विषैले प्रभावों के खिलाफ कोई ‘शील्ड’ नहीं बनाता।

यूरोपियन फूड सेफ्टी अथॉरिटी (EFSA) के अनुसार, अधिक मात्रा में बीटा-कैरोटीन सप्लीमेंट (20-30 मिलीग्राम/दिन) लेने से ज्यादा धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, कम मात्रा (15 मिलीग्राम/दिन से कम) सभी के लिए सुरक्षित मानी जाती है। एक 2022 की स्टडी ने भी इस बात की पुष्टि की कि बीटा-कैरोटीन सप्लीमेंट्स खासकर धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ाते हैं।

क्या आहार के जरिए धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम हो सकता है?
सीधे शब्दों में कहें तो – नहीं। कोई भी जादुई भोजन या पोषक तत्व सिगरेट के धुएं से होने वाले नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता। एक स्वस्थ आहार जिसमें फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों, निश्चित रूप से आपके समग्र स्वास्थ्य का समर्थन करता है और शरीर की मरम्मत प्रक्रिया में मदद कर सकता है, लेकिन यह धूम्रपान से होने वाले फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को खत्म नहीं करता। शोध बताते हैं कि एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर आहार सूजन को कम कर सकते हैं और फेफड़ों के कार्य में सुधार ला सकते हैं, लेकिन ये तंबाकू के धुएं से हुए नुकसान को पलट नहीं सकते।

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फेफड़ों के कैंसर के खतरे को कम करने का सबसे प्रभावी और एकमात्र उपाय है – धूम्रपान छोड़ना। नियमित चिकित्सा जांच और स्क्रीनिंग से कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाने में मदद मिल सकती है, लेकिन यह रोकथाम की गारंटी नहीं है।

इस विषय पर ज़ीडस हॉस्पिटल, अहमदाबाद की मुख्य क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट, श्रुति के भारद्वाज का कहना है, “कोई भी भोजन धूम्रपान से होने वाले नुकसान को रद्द नहीं कर सकता। एक संतुलित आहार समग्र स्वास्थ्य का समर्थन करता है, लेकिन यह धूम्रपान करने वालों के लिए फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को कम नहीं करता। सबसे अच्छा कदम धूम्रपान छोड़ना है। एक स्वस्थ आहार तभी सबसे बेहतर काम करता है जब उसे धूम्रपान मुक्त जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ जोड़ा जाए।”


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या धूम्रपान करने वालों को बीटा-कैरोटीन सप्लीमेंट लेने चाहिए?

नहीं, बिल्कुल नहीं। विशेषज्ञों और शोधों के अनुसार, धूम्रपान करने वालों के लिए बीटा-कैरोटीन सप्लीमेंट (गोलियां) हानिकारक हो सकती हैं और इनसे फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। प्राकृतिक स्रोतों (जैसे गाजर, पालक) से प्राप्त बीटा-कैरोटीन सुरक्षित है, लेकिन वह धूम्रपान के दुष्प्रभावों से सुरक्षा नहीं देता।

2. अगर मैं रोजाना गाजर का जूस पिऊं, तो क्या यह धूम्रपान के नुकसान से बचाएगा?

नहीं। गाजर का जूस या कोई भी अन्य स्वस्थ भोजन धूम्रपान से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य क्षति, विशेष रूप से फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को रद्द नहीं कर सकता। एक स्वस्थ आहार आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन यह धूम्रपान के विषैले प्रभावों के खिलाफ एक कवच का काम नहीं करता।

3. फेफड़ों के कैंसर से बचाव का सबसे कारगर तरीका क्या है?

फेफड़ों के कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी और विज्ञान-सम्मत तरीका है धूम्रपान न करना या इसे पूरी तरह छोड़ देना। इसके अलावा, सेकंडहैंड धुएं (दूसरे के धुएं) से बचना, नियमित व्यायाम करना और संतुलित आहार लेना भी समग्र स्वास्थ्य में सहायक है। यदि आप लंबे समय से धूम्रपान कर रहे हैं, तो नियमित चेक-अप करवाना जरूरी है।

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