क्या आपको ऐसा एहसास चाहिए जहाँ दिल की धड़कनें तेज़ हों, रोंगटे खड़े हों, लेकिन आँखों के सामने ऐसा नज़ारा हो कि आप उसे कभी भूल न पाएं? अगर हाँ, तो आपको भारत के इन शानदार ग्लास ब्रिज (Glass Bridge) पर ज़रूर चलना चाहिए!
जरा सोचिए, आपके पैरों के नीचे पारदर्शी कांच है और उसके नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई, झरने, या फिर समुद्र की लहरें! डर भी लगेगा और मज़ा भी आएगा। ये ग्लास ब्रिज सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि एक एडवेंचर एक्टिविटी हैं, जो आपकी ट्रैवल डायरी और इंस्टाग्राम फीड, दोनों को धमाकेदार बना देंगे।
तो चलिए, आपको ले चलते हैं भारत के उन 6 मस्त ग्लास ब्रिज की सैर पर, जहाँ हर कदम पर है रोमांच!
1. राजगीर ग्लास ब्रिज, बिहार (Rajgir Glass Bridge, Bihar)
नेचर सफारी में बना यह 85 फीट लंबा ब्रिज आपको लगभग 200 फीट की ऊंचाई पर ले जाता है। इस पर खड़े होकर आपको ऐसा लगेगा जैसे आप पहाड़ों और हरे-भरे जंगलों के ऊपर से उड़ रहे हैं। चीन के स्काइवॉक से प्रेरित इस ब्रिज के आसपास ज़िप लाइन और रोपवे जैसे एक्टिविटीज का भी भरपूर मज़ा ले सकते हैं।
2. सिक्किम स्काइवॉक, पेलिंग (Sikkim Skywalk, Pelling)
भारत का पहला ट्रांसपेरेंट ग्लास ब्रिज! 7200 फीट की ऊंचाई पर बने इस ब्रिज से आप हिमालय की बर्फ़ से ढकी चोटियों और 137 फीट ऊँची भव्य बुद्ध प्रतिमा का नज़ारा देख सकते हैं। नीचे तिस्ता नदी बहती है और बादल आपके पैरों के नीचे होते हैं। सबसे बढ़ी बात? इस स्वर्गिक अनुभव का टिकट सिर्फ 50 रुपये है!
3. वायनाड ग्लास ब्रिज, केरल (Wayanad Glass Bridge, Kerala)
केरल के घने हरे जंगलों के ऊपर बना यह ब्रिज एक प्राइवेट रिसॉर्ट का हिस्सा है। इटली के मज़बूत फाइबरग्लास से बने इस पुल पर चलकर आप लगभग 100 फीट की ऊंचाई से नीचे के खूबसूरत नज़ारों का आनंद ले सकते हैं। यहाँ ट्रेकिंग का ऑप्शन भी है, जिससे आपकी ट्रिप और भी यादगार बन जाएगी।
4. कन्याकुमारी ग्लास ब्रिज, तमिलनाडु (Kanyakumari Glass Bridge, Tamil Nadu)
यह भारत का पहला और इकलौता समुद्र के ऊपर बना ग्लास ब्रिज है! यह ब्रिज विवेकानंद रॉक को तिरुवल्लुवर स्टेच्यू से जोड़ता है। इस पर चलते हुए आप अपने नीचे तीन समुद्रों (अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर) के संगम को देख सकते हैं। शाम के वक्त एलईडी लाइट्स में यह नज़ारा और भी ज़्यादा शानदार दिखता है।

5. नापणे ग्लास स्काइवॉक, महाराष्ट्र (Napne Glass Skywalk, Maharashtra)
मानसून में यह जगह किसी जादू से कम नहीं लगती। सिंधुदुर्ग के नापणे झरने के ऊपर बने इस स्काइवॉक पर चलते हुए आप झरने का शानदार दृश्य देख सकते हैं। इस पुल को रंग-बिरंगी तितलियों और पेड़-पौधों की जानकारी देने वाली पेंटिंग्स से सजाया गया है, जो इसे बच्चों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खास बनाती है।
6. अक्कुलम ग्लास ब्रिज, केरल (Akkulam Glass Bridge, Kerala) – (जल्द आ रहा है!)
तिरुवनंतपुरम में बन रहा यह 52 मीटर लंबा ग्लास ब्रिज जल्द ही पर्यटकों के लिए खुलने वाला है। इसे एलईडी आर्ट, फॉग मशीन और डायनामिक लाइटिंग के साथ बनाया जा रहा है, जो एक जादुई अनुभव देगा। यह केरल की यात्रा को और भी रोमांचक बना देगा।
तो अगली बार जब भी आप कहीं घूमने का प्लान बनाएँ, तो इनमें से किसी एक ग्लास ब्रिज पर ज़रूर जाएँ। यकीन मानिए, यह अनुभव आपकी ज़िंदगी के सबसे यादगार पलों में से एक होगा!
ग्लास ब्रिज विजिट से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या ग्लास ब्रिज पर चलना पूरी तरह से सुरक्षित है?
जी बिल्कुल! इन सभी ग्लास ब्रिज को अत्यधिक मज़बूत और मोटी कांच की परतों (Laminated Glass) से बनाया गया है, जो एक साथ सैकड़ों लोगों का वजन आसानी से सह सकती हैं। इन्हें नियमित रूप से सुरक्षा जाँच (Safety Audit) से भी गुजरना पड़ता है। इसलिए आप बिना किसी डर के इस रोमांचक अनुभव का आनंद ले सकते हैं।
2. क्या ग्लास ब्रिज पर जाने की कोई उम्र सीमा या ड्रेस कोड है?
आमतौर पर, कोई सख्त उम्र सीमा नहीं है, बल्कि लंबाई (Height) और स्वास्थ्य को देखा जाता है। छोटे बच्चों को माता-पिता की देखरेख में ही जाने की अनुमति है। ड्रेस कोड के मामले में, आरामदायक चलने वाले जूते (जैसे स्नीकर्स) पहनना एक अच्छा विचार है। हील्स या सैंडल पहनकर चलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
3. क्या मौसम खराब (जैसे बारिश या कोहरा) होने पर भी ब्रिज खुला रहता है?
यह जगह-जगह अलग-अलग हो सकता है। तेज़ बारिश, कोहरा, या तूफान जैसी स्थितियों में सुरक्षा के कारण ब्रिज को आगंतुकों के लिए अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। अपनी यात्रा से पहले मौसम की जाँच करना और सीधे उस स्थान के अधिकारियों से संपर्क करना सबसे अच्छा रहता है।

























