त्योहारों पर व्रत के भोजन की थाली में काला चना देखना आम बात है, और इसकी वजह है इसकी अद्भुत पोषण की दुनिया! यह छोटा सा दाना प्रोटीन का पावरहाउस है जो पाचन, त्वचा और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है। फाइबर से भरपूर और फैट में कम यह चना आपकी डिश को मेन कोर्स भी बना सकता है और हेल्दी स्नैक भी। विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर होने के कारण इसे अपनी डाइट में शामिल करना एक स्मार्ट चॉइस है।
अब सवाल यह है कि इसे बनाया कैसे जाए? चिंता न करें, हम लेकर आए हैं काले चने की कुछ ऐसी स्वादिष्ट और सेहतमंद रेसिपीज़, जिन्हें खाकर आप इसके फायदे तो उठाएंगे ही, साथ ही आपका दिल भी खुश हो जाएगा।
1. काला चना कबाब: क्रिस्पी अंदाज़ में हेल्दी ट्रीट
अगर आप कोई आसान और टेस्टी स्टार्टर ढूंढ रहे हैं, तो काला चना कबाब एक परफेक्ट पिक है। बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम-मुलायम ये कबाब आपकी रसोई में मौजूद सामान्य चीज़ों से बन जाते हैं और देसी मसालों से सजे होते हैं। सबसे बढ़िया बात यह है कि आप इन्हें ऐसे ही कबाब की तरह, रोटी या टॉर्टिला में लपेटकर, या फिर बन में लेयर करके एक मिनी बर्गर की तरह भी एन्जॉय कर सकते हैं। बस काले चने का गाढ़ा पेस्ट बनाकर उसमें अपनी पसंद की चीज़ें मिलाएं और हल्का तल लें। यकीन मानिए, स्वाद का तड़का लग जाएगा!
2. काला चना चाट: तीखा-मीठा झटका
काले चने की यह चाट एक ताज़गी भरा और चटपटा डिश है जिसमें प्याज, टमाटर और मसालों का कॉम्बो शामिल है। यह सिंपल सा सलाद एक बेहतरीन स्नैक या लंच का विकल्प बन सकता है और सबसे अच्छी बात – यह ऑयल-फ्री, वीगन और ग्लूटेन-फ्री है। इसे बनाने के लिए चनों को रातभर भिगोकर, 25 मिनट तक प्रेशर कुक करना होता है। अगर भिगोना भूल गए हैं? कोई बात नहीं! तब 40 मिनट तक प्रेशर कुक करें और स्वाद का मजा लें।
3. काला चना और पालक की करी: सेहत का कम्फर्ट फूड
लंबे दिन के बाद अगर आप कोई ऐसी डिश खाना चाहते हैं जो दिल और पेट दोनों को सुकून दे, तो यह रेसिपी बिल्कुल सही चॉइस है। यह भरपूर, पौष्टिक और स्वादिष्ट करी कभी सूप का रूप भी ले सकती है। इसे बनाने के लिए काले चनों को 8 घंटे तक भिगोकर, 30 मिनट तक प्रेशर कुक कर लें। फिर उबले चनों में अदरक, लहसुन, हल्दी, जीरा, धनिया पाउडर जैसे मसालों और बारीक कटी पालक को मिलाकर इस स्वादिष्ट डिश को तैयार करें।

4. केरल की स्पेशल कड़ाला करी: साउथ इंडियन फ्लेवर
कड़ाला करी केरल की एक जबरदस्त स्वादिष्ट और खुशबूदार करी है, जो काले चने, प्याज, जड़ी-बूटियों, नारियल और तरह-तरह के मसालों से बनती है। यह लजीज़ करी पारंपरिक रूप से केरल में नाश्ते में पुट्टू या अप्पम के साथ परोसी जाती है। लेकिन यह बेहद वर्सेटाइल है – आप इसे इडियाप्पम, सादे चावल, चपाती या पूरी के साथ भी खा सकते हैं। यह रेसिपी आपकी डिनर टेबल पर साउथ इंडिया का फ्लेवर घोल देगी।
3 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. क्या काले चने को बिना भिगोए सीधा पकाया जा सकता है?
जी हाँ, पकाया तो जा सकता है, लेकिन इससे पकने का समय काफी बढ़ जाता है और वे ठीक से नरम भी नहीं हो पाते। चनों को रातभर भिगोने से वे जल्दी पकते हैं, पचाने में आसान होते हैं और उनके पोषक तत्व भी बेहतर तरीके से शरीर को मिल पाते हैं। अगर समय नहीं है, तो कम से कम 4-5 घंटे जरूर भिगोएं।
2. काले चना खाने के क्या फायदे हैं?
काले चना प्रोटीन, फाइबर, आयरन और विटामिन्स का बेहतरीन स्रोत हैं। यह वजन कंट्रोल करने में मददगार हैं, पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, एनर्जी देते हैं और दिल की सेहत के लिए भी अच्छे माने जाते हैं। इन्हें डाइट में शामिल करना एक हेल्दी Habit साबित हो सकती है।
3. क्या वाकई काले चना की करी के साथ पुट्टू ही खाया जाता है?
पुट्टू और कड़ाला करी का कॉम्बिनेशन केरल का क्लासिक और पारंपरिक नाश्ता है, और स्वाद में यह जबरदस्त है! हालाँकि, यह कोई जरूरी नहीं है। इस स्वादिष्ट करी को आप रोटी, चावल, डोसा या ब्रेड के साथ भी बड़े चाव से खा सकते हैं। आपकी प्लेट, आपका नियम!




















